
कंडघाट (सोलन)। 15 अगस्त से मनरेगा के कार्यों में नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। इसमें विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी, जिसके अनुसार किसी भी विभाग में मनरेगा के कार्यों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इसमें केवल ग्राम सभाएं ही उत्तरदायी होंगी। संबंधित विभागों से एक-एक व्यक्ति ग्राम सभा में हाजिर होकर कार्यों की शेल्फ डालेगा। मंजूरी मिलने पर संबंधित कार्यों में विभाग कोई बदलाव नहीं कर सकेगा। इससे पहले विभागों से संबंधित कार्य बीडीसी व जिला परिषद की बैठकों में डाले जाते थे। नई नीति से बीडीसी और जिला परिषद की शक्तियों में कमी आएगी। मौजूदा समय में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, उद्यान व कृषि विभाग, वन विभाग के अधिकतर कार्य मनरेगा के तहत ही किए जा रहे हैं। इसकी पुष्टि कंडाघाट के बीडीओ भुवन शर्मा ने की है।
क्या होगा लाभ
नई व्यवस्था के अनुसार अब ग्राम सभा की शक्तियां काफी बढ़ जाएंगी। इससे विकास कार्यों में भी तेजी आएगी। मनरेगा के तहत आने वाले सभी विभागों की मॉनिटरिंग ग्राम सभा स्वयं करेगी तथा विभाग को एक निर्धारित समय में काम पूरा करना होगा।
